मैं डॉक्टर हूँ. मेरे पड़ोस में एक आंटी को बेटे की शादी के बाद पोते का सुख नहीं मिल पाया. आंटी ने मुझसे उनके बहू बेटे का इलाज करने को कहा. मैंने क्या किया?
सभी साथियों को नमस्कार, मेरा नाम सुनील है. मैं जबलपुर से हूं. मैं आप सबके लिए एक नयी कहानी लेकर आया हूं. जो घटना मैं आप लोगों के साथ शेयर करने जा रहा हूं यह मेरे साथ असल जिन्दगी में हुई है. इसलिए इस कहानी को केवल सेक्स कहानी की दृष्टि से न देखें.
मैं पेशे से एक डॉक्टर हूं. मेरी पोस्टिंग जबलपुर के पास ही एक गांव में हुई थी. यह बात आज से तीन-चार साल पहले की है. अपने क्लीनिक के पास में ही मैं कमरा लेकर रहता था. मैंने जिस जगह पर कमरा लिया हुआ था वहां मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती थी.
आंटी के पास एक ही बेटा था जबकि उनके पति यानि कि अंकल की मृत्यु हो चुकी थी. वो अपने बेटे रमेश के साथ अकेली ही रहती थी. उनके साथ मेरे अच्छे संबंध थे.
जब भी मैं उनके घर पर जाता था तो मेरी बात रमेश से भी हो जाती थी. रमेश को देख कर मेरे मन में कुछ सवाल थे. दरअसल मुझे उसके मर्द होने पर शक रहता था. वो देखने में तो सही दिखता था लेकिन फिर भी वो मर्दों वाली बात उसमें दिखाई नहीं देती थी.
यह बात मेरे मन में ही थी. मैंने कभी न तो रमेश को इस बात को जाहिर होने दिया और न ही आंटी को. मैं उनसे नॉर्मली ही मिलता था. ऐसे ही दिन बीत रहे थे. धीरे धीरे मुझे वहां रहते हुए कई महीने बीत गये. समय का पता भी नहीं चला.
आंटी के बेटे रमेश की शादी भी हो गयी. मैं भी उनकी …