मेरी सेक्स कहानी के पिछले भागस्कूटी वाली चुदासी गर्लफ्रेंड-1में अब तक आपने पढ़ा था कि मैंने निशा की ड्रेस के पीछे की चैन खोल दी और उसका ड्रेस उसके जिस्म से अलग कर दिया.
आह क्या माल लग रही थी. पिंक पैंटी और ब्रा में कसे हुए उसके जिस्म को मैं ललचाई निगाहों से देखने के लिए थोड़ा अलग हुआ.
मैं उसे देखने लगा. मेरी जान कयामत लग रही थी. एकदम टाइट चूचे, पतली सी मुलायम कमर, उसका जिस्म हल्का गुलाबी था. इतनी खूबसूरत था कि सोच कर मैं मन ही मन खुश हो रहा था. उसने अपना चेहरा शर्म के मारे हाथों से ढंक लिया था.
अब आगे:
मैंने उसके पैरों पर किस कर रहा था. उसके पैर बड़े कोमल लग रहे थे. निशा के पैरों से होते हुए मैं उसकी पैंटी तक आ गया. उसकी पैंटी पारदर्शी थी. उस पर एक गुलाब का फूल बना हुआ था, जो सिर्फ उसकी चुत को ढके हुए था. उसकी सेक्सी और कामुक सिसकारियां रूम के माहौल को और भी रोमांटिक बना रही थीं.
मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चुत पर किस किया. निशा की पैंटी गीली हो चुकी थी. मैं वैसे ही उसकी पैंटी पर से ही चुत को चाट रहा था. उसकी चुत का स्वाद बहुत ही मस्त लग रहा था.
मैंने उसकी चुत पर काट लिया, उसने बहुत जोर से आवाज की और कहा- मेरी जान निकालना चाहते हो जान!मैं- नहीं निशु … तुम्हारे लिए जान देना चाहता हूँ.
ये सुनते से ही उसने मुझे ऊपर की ओर खींच लिया और किस करने लगी. वो अपनी जुबान मेरे होंठों से रगड़ने लगी, मैंने अपना मुँह खोल कर उसकी जीभ को अन्दर ले लिया और चूसने लगा. एक हाथ से मैं उसके रसीले मम्मों को दबाने लगा. फिर ब्रा उसके जिस्म से एक …