गे बॉटम सेक्स कहानी मेरी कजिन दीदी के पति यानि मेरे जीजा जी के लंड चूसने की है. एक दिन मैंने जीजाजी को मूतते हुए देख लिया. उनका लंड मुझे अच्छा लगा.
दोस्तो, मैं अभिषेक आपको अपनी गे बॉटम सेक्स कहानी सुना रहा हूँ.
ये बात तब की है, जब मेरे परिवार में शादी थी. शादी गांव में थी.
हम पूरे परिवार के साथ गांव के लिए निकल गए. हमारे कज़िन जीजू भी साथ में थे. शुरू में मेरा कोई ऐसा इरादा नहीं था, पर बाद में सब कुछ होता चला गया.
मैं आपको विस्तार से बताता हूँ कि क्या हुआ था.
हम सभी लोग गांव में होने वाली शादी में गए थे, तो उधर एक बड़ी समस्या सामने आई. दरअसल हम लोगों को वेस्टर्न स्टाइल के टॉयलेट की आदत थी और गांव में टॉयलेट नाम की कोई चीज ही नहीं थी.
उधर बस एक गली जैसी थी, वहां पर सब जाकर पेशाब करते थे और लेट्रिन के लिए खेतों में जाना पड़ता था. गांव के जिस घर में हम रह रहे थे, उसकी छत से वो गली साफ़ दिखती थी.
गर्मी होने के कारण में छत पर सोने चला गया. सुबह मैं 7 बजे उठा और छत से नीचे जाने को उठा.
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