दोस्तो, कहानी के पिछले भागसमलैंगिक लड़के के दबे हुए अरमानमें आपने अब तक पढ़ा था कि मैं और रूप टकरा कर एक दूसरे की बांहों में समा गए थे.
अब आगे :
मैं उसे अपनी बांहों में जोर से कसते हुए उसके नंगे बदन को मेरे हाथों से सहला रहा था और मेरे लंड से उसके लंड को रगड़ रहा था.
उसने भी मेरे नंगे बदन को बुरी तरह से अपनी बांहों के आगोश में ले लिया था.उसकी यह जकड़ बढ़ती ही जा रही थी जैसे वह मेरे नंगे जिस्म को अपने नंगे जिस्म में समा लेगा.
रूप मेरे नंगे बदन को अपनी बांहों में कसता हुआ मेरे नंगे बदन को अपने हाथों से सहला रहा था.वह मेरे जिस्म में आग लगाता हुआ मुझे मेरी गर्दन और कान के पास चूमता जा रहा था.
धीरे-धीरे उसने उसके मुँह को आगे किया और मेरे होंठों को चूमने लगा.
मेरे और रूप के होंठों का पहला मधुर चुम्बन था. मैंने अपनी आंखें बंद कर दीं.रूप मेरे होंठों को चूम रहा था.
वह मेरे नीचे वाले या ऊपर वाले होंठों को उसके मुँह में लेकर ऐसे चूस रहा था जैसे उसमें से शहद निकल रहा हो.
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