हेल्लो दोस्तों आपका अपना दीप पंजाबी एक बार फेर आपकी सेवा में एक नई कहानी लेकर हाज़िर है। पिछले हफ्ते प्रकाशित हुई कहानी “पेपर देने आई साली, चूत दे गयी” को बहुत ही दोस्तों ने पसन्द किया। उसके लिए मैं उनका बहुत ही आभारी हूँ।
उम्मीद करता हूँ आगे भी आप इसी तरह अपने प्यार से हमे नवाजते रहोगे। उन्ही दोस्तों में से ये कहानी मेल के ज़रिये हमारी एक रीडर श्वेता अरोड़ा द्वारा भेजी गयी है। सो ज्यादा वक्त जाया न करते हुए सीधा कहानी पे आते है। सो आगे की कहानी सुनिये उसकी ही ज़ुबानी…
हैलो दोस्तो आपको आपकी नई दोस्त श्वेता अरोड़ा का प्यार भरा नमस्कार कबूल करे। मैं देसी कहानी की निम्न पाठक हूँ। मैंने बहुत सी कहानियां पढ़ी हुई है। जिन्हें पढ़कर मेरे मन में आया क्यों न मैं भी अपनी गाथा आप सब लोगों के सामने रखूँ। पहले तो मैं ड़रती रही के अपनी कहानी आप लोगों तक कैसे पहुँचाऊँ। फेर मैंने अपनी कहानी टाइप करके इस साईट के ही एक लेखक को भेज दी। सो आप मेल के जरिये बताना कैसी लगी।
सबसे पहले अपने बारे में बतादू। मेरा नाम श्वेता अरोड़ा है। मेरी उम्र 36 साल है और मैं अपने पति राज अरोड़ा और 18 साल के बेटे अजय के साथ दिल्ली की एक मशहूर सोसाईटी में रहती हूँ। मैं एक हाउसवाइफ हूँ और मेरे पति राज अरोड़ा 40 साल के है और वो एक टूरिस्ट विभाग में काम करते है। जबके मेरा बेटा अजय अभी **वीं में पढ़ रहा है। ये कहानी मेरे और मेरे बेटे के पहले सेक्स के बारे में है। हुआ यूं के मेरा बेटा और मेरे पति बहुत ही …