अगले दिन जब मैं उठा तो मेरा लन्ड मेरे हाथ मे था। और मेरा कपड़ा नीचे गिरा पड़ा था। साला सपना देख लिया का हम? समय देखा तो 8 बज रहा था। हम अपना कपड़ा उठाया और नहाने चला गया साला हम कभी टब में नही नहाया था। मज़े से नहाया और ब्रुस किया।
हमारी इतना खातिर तो कभी भी नही हुआ था। हम नाहा के कमरे के बाहर निकले तो ऑन्टी, इशिता और आभा टेबल पर बैठे थे। उपे इतना चीज़ रखी थी थी मानो की किसी की बारात हो। हम गये और आभा के बगल बैठ गये।
ऑन्टी हमे गुड मॉर्निंग विश की और नौकर से मेरी थाली लगाने को बोला। इशिता हमे देखी पर कुछ नही बोली बस मुस्कुरा दी। साला दुनिया मे एक खूबसूरत लड़की की मुस्कुराहट से अच्छा कुछ नही है देखने को।
ऑन्टी ने बोला कि संतरे का जूस पियो हैंगओवर …