अन्तर्वासना मस्तराम कहानी में पढ़ें कि मेरे दोस्त की अम्मी आधी रात में मेरे कमरे में आयी. वे आई तो चुदाई के लिए थी पर शरमा रही थी. तो मैंने उनको कैसे चोदा?
दोस्तो, मैं ऋषि एक बार फिर से आप सभी का अपनी सेक्स कहानी में स्वागत करता हूँ.
अन्तर्वासना मस्तराम कहानी के पहले भागदोस्त की अम्मी की अन्तर्वासनामें अब तक आपने पढ़ा था कि मैंने अपने दोस्त साहिल की अम्मी जुवैरिया आंटी को गर्म करके चुदवाने के लिए मजबूर कर दिया था. रात को वो मेरे कमरे में आ गई थीं.
अब आगे अन्तर्वासना मस्तराम कहानी:
जुवैरिया आंटी मुझे देखती हुई कहने लगीं- ऋषि, जो भी वहां और गाड़ी में हुआ, सब भूल जाओ … ये सब गलत है और ये अच्छा नहीं है.मैंने भी कहा- क्या गलत है आंटी … कुछ गलत नहीं है, आपको भी तो किसी की जरूरत होती होगी. अंकल भी तो बाहर हैं तो क्या आपकी कुछ करने की इच्छा नहीं होती है?
ये सुनकर आंटी बिस्तर पर आकर बैठ गईं. उनकी आंखें नम हो गयी थीं.
मैं उनके पास जाकर बैठ गया और उनकी पीठ पर हाथ रख कर उनको चुप कराने लगा.वो एकदम से मेरे गले से लग गईं और रोने लगीं.
मैंने उनको …