जवानी चढ़ी तो मैं चूत के लिए तड़पने लगा. मुझे अपनी चाची पसंद आयी और उन्हें सोच कर बहुत मुठ मारी लेकिन संतुष्टि नहीं मिली. मैं चाची की चुदाई करना चाहता था.
दोस्तो, आज मैं आप को एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूं. यह मेरी जिन्दगी की आपबीती है. इसे केवल सेक्स कहानी के रूप में न देखें. चूंकि यह घटना मेरे परिवार से जुड़ी है इसलिए मैं पात्रों के नाम बदल कर लिख रहा हूं.
मेरा नाम कपिल (बदला हुआ) है.
यह घटना मेरे और मेरी चाची कल्पना (बदला हुआ नाम) के बीच में हुई थी. मेरी सगी चाची और मेरे बीच में हुई इस घटना को काफी समय हो गया है. इसलिए मैंने सोचा कि आप लोगों के साथ अपने अनुभव को शेयर करूं.
मेरी चाची का फीगर 35-28-32 है. वो एक सेक्सी बदन वाली महिला है. उनके बड़े बड़े बोबे देख कर किसी का भी मन डोल सकता है. मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था.
उस वक्त मैं भी नया-नया जवान हुआ था. हर तरफ मुझे चूत ही चूत दिखाई देती थी. किसी भी लड़की के बदन पर नजर जाती थी तो सबसे पहले उसकी चूचियों को नापने लगता था. सेक्स का नया-नया खुमार था.
रोज रात को मैं लंड की मुठ मार कर सोता था. मगर फिर भी मुझे संतुष्टि नहीं मिल पाती थी. मुझे चूत चाहिए थी हर कीमत पर. फिर मेरा ध्यान मेरी चाची की तरफ गया.
इससे पहले भी मैं चाची को देखा करता था लेकिन अब उन पर ज्यादा ही ध्यान देने लगा था. मैंने देखा कि चाची की गांड काफी शानदार थी. उनकी चूचियां देख कर मेरा लंड टाइट हो …