क्रॉसड्रेसर सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मैं लड़का हूँ पर मन से एक लड़की हूँ. कोचिंग सर के घर उनकी की बीवी की ब्रा पैंटी देख मुझसे रुका नहीं गया और मैंने पहन ली. उसके बाद …
दोस्तो, मेरा नाम अभिनीता है. मैं एक क्रॉस ड्रेसर हूं यानि कि मैं शरीर से तो एक लड़का हूं मगर मन से औरत हूं. मैंने बहुत हिम्मत करके ये क्रॉसड्रेसर सेक्स स्टोरी लिखी है और आज इसे आप लोगों के साथ शेयर कर रही हूं. चूंकि मैं मन से लड़की हूं तो यहां पर लड़की बन कर ही रहूंगी.
बात तब की है जब मैं 19 साल की थी. हमारे एरिया में एक कोचिंग क्लास थी. उसको एक 55 – 56 साल के सर चलाते थे. मैं भी उनके पास जाती थी.एक दिन मैं जल्दी पहुँच गई तो सर बोले- छत पर पौधों को पानी दे दो.
मैंने भी उनको हाँ बोला और पानी देने लगी. तभी ग़लती से पानी वहाँ सूख रहे कपड़ों पर गिर गया और मैं डर गई. मैं उन कपड़ों को हाथ से पोंछने लगी. पहले सर के कपड़े साफ़ किए. फिर मेरी नज़र मैडम के कपड़ों पर भी गई. मैंने उनको भी पोंछा.
जब मैंने अंडरगार्मेंट्स को छूआ तो अजीब सा लगा. मैं उन मख़मल से बने अंडरगार्मेंट्स को सहलाने लगी. पता नहीं क्यूं मुझे उनको छूना पसंद आ रहा था.
तभी नीचे से सर ने बुला लिया और मैं उन कपड़ों को वहीं रख कर नीचे चली आई.मेरा मन उस दिन कहीं भी नहीं लग रहा था. मैं बार बार उन कपड़ों के बारे में सोच कर एक्साइटेड हो रही थी.
घर आने के बाद भी यही हुआ. सारी रात मैंने जैसे तैसे निकाली.
अगले दिन भी सर ने वही बोला कि पौधों में पानी दे दो. मैं भागकर ऊपर पहुँची और उन कपड़ों को छूने लगी. उनकी छुअन का मजा लेने लगी. अब ये मेरा रोज़ का …