इंडियन सेक्सी गर्ल स्टोरी में पढ़ें कि मेरी कामवासना मुझे दोबारा मौसाजी से सेक्स के लिए उकसाने लगी. तो चुदाई का मजा लेने के लिए मैंने क्या तरकीब लगायी?
इस इंडियन सेक्सी गर्ल स्टोरी के पिछले भागअब और न तरसूंगी- 4में आपने पढ़ा कि
“मौसा जी आप ऐसे दुखी मत होइये. जो होना था वो ईश्वर की मर्जी थी, आप ही तो कहते थे कि बिना उनकी मर्जी के तो पत्ता भी नहीं हिलता संसार में. मौसा जी, मेरे मन में आपके प्रति कोई शिकायत नहीं है और आप मेरे पैरों पर सिर मत रखिये; सदा मैंने ही आपका आशीर्वाद पाया है.” मैंने भी रुंधे गले से कहा.
“ठीक है बेटा, ईश्वर की यही मर्जी रही होगी. अब तू सो जा और जो हुआ उसे भूल जाना!” वे बोले और फिर उठ कर चुपचाप नीचे चले गए.
अब आगे की इंडियन सेक्सी गर्ल स्टोरी:
अगले दिन मैं और वो खामोश रहे, हमने एक दूसरे से नज़र भी नहीं मिलाई.पिता सामान मौसाजी से जो मेरा जिस्मानी रिश्ता बन गया था उसके बारे में सोच कर मुझे दिनभर आत्मग्लानि और मानसिक पीड़ा होती रही.
पर शाम होते ही उनके साथ आया आनंद मुझे रह रह के याद आने लगा और मौसा जी का वो बलपूर्वक सम्भोग याद करके मेरी चूत अनचाहे ही बार बार गीली होने लगी जैसे वो फिर से वही मोटा तगड़ा लंड मांग रही हो.
उफ्फ … हे भगवान … ये कैसी विडम्बना है … मेरे तन मन पर मेरा ही बस क्यूं नहीं रहा अब? अब करूं तो क्या?
Related Articles
Us Ghar Ke Andar 20 | Hindi Romantic Stories
April 21, 2026
Us Ghar Ke Andar 19 | Hindi Romantic Stories
April 20, 2026
Us Ghar Ke Andar 18 | Hindi Romantic Stories
April 20, 2026
Us Ghar Ke Andar 17 | Hindi Romantic Stories
April 19, 2026
मैं इन अनचाहे कुत्सित विचारों को बार बार दिमाग से निकालने का प्रयास करती पर वो जिद्दी मन फिर उन्हीं पलों को याद करने लगता.मेरी आत्मा मुझे कचोटती कि यह घोर पाप है, एक बार अनजाने में हो गया तो तू कोई दोषी नहीं पर अब क्यों उन बातों को बार बार सोचना?मेरे मन मस्तिष्क में जबरदस्त अंतरद्वंद्व चलता …