मेरी पिछली देसी हिन्दी सेक्सी स्टोरी में आपने पढ़ा था कि कार में सेक्स करने के बाद मैं पकड़ी गयी थी। हालांकि वो बात इज्जत के डर से बाहर नहीं आ पायी, पर अब मेरा ससुराल वाले पुश्तैनी घर में जाना मुश्किल हो गया कि कही मौसी या प्रशांत से फिर सामना ना हो जाए।
खैर इस बात को अब कुछ समय बीत गया था। इस बीच अब ससुराल में बार बार जाने के बजाय मैंने पति को बोल कर सासुमां को ही हमारे साथ रहने के लिए बुला लिया था।
इससे दो फायदे हुए, एक तो सास को मौसी से दूर कर दिया ताकि भांडा ना फूटे और मेरे वहां ना जाने से उनको उस काण्ड की याद भी नहीं आएगी।एक दिन मेरी माँ का फ़ोन आया कि घर में कुछ फंक्शन रखा हैं तो हो सके तो कुछ दिन पहले ही आ जाना, घर में इतने काम रहेंगे तो मदद हो जाएगी।
मैंने पति और सास से बात की और ये फैसला किया की बाकी लोग फंक्शन वाले दिन आ जायेंगे, पर मैं कुछ दिन पहले जाकर उनकी मदद कर दू।मैं अपने मायके पहुंच गयी। मेरे पापा, मम्मी भैया और भाभी ने काफी काम पहले ही बाँट रखे थे। सबसे पहला काम था लोगो को निमंत्रण देना।
हमने इलाको के हिसाब से मेहमानो की तीन लिस्ट बना ली, एक लिस्ट पापा को, दूसरी भैया भाभी को तो तीसरी मेरे और मम्मी के हिस्से आयी जहाँ हमें निमंत्रण देने जाना …