This story is part of the Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti series
दिल जिनका मोम सम है, करुणा से जो बनीं है।माँ बेटी बहन पत्नी या क्यों ना प्रेमिका हो।।हम सब के प्रेम एवं सम्मान की है लायक।स्त्रियां हमारी तुमको शत शत नमन हमारे।।
मैं मेरी इस कहानी को मेरी दो युवा फैन प्रिया देसाई और नेहा को सम्पर्पित करना चाहता हूँ। उन्होंने मुझे लिखा की उन्हें कुछ रफ़ हार्डकोर सेक्स (या साफ़ शब्दों में कहें तो चुदाई) की कहानिया जिसमें कुछ गन्दी भाषा का भी प्रयोग हो; ज्यादा पसंद है।
चुदाई जितनी शारीरिक है उतनी या उससे भी ज्यादा मानसिक क्रिया है यह मेरा अनुभव है। सेक्स भगवान की देन है और चुदाई के प्रति हमारे समाज में हीन भाव का नजरिया पैदा किया गया है यह ठीक नहीं है, यदि उसमें एक दूसरे की सहमति हो और कोई जोर जबरदस्ती या शारीरिक एवं मानसिक हिंसा ना हो।
आज के तनाव …