एक दिन रात के समय लग्जरी बस में अचानक एक पतली कमर की लंबी शादीशुदा जवान लड़की मेरे बराबर में आकर बैठ गई और मैं जैसे पागल सा हो गया.
आप सभी को सादर नमस्कार, कैसे हैं आप सब … मैं आशा करता हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे.
बात बस के सफर की है, मेरा हमेशा मन करता कि कोई भाभी मेरे बराबर में आकर बैठे और मैं उसके जिस्म से चिपक कर अपना सफ़र करूं, लेकिन ऐसा कभी नहीं होता.
एक दिन रात के समय लग्जरी बस में अचानक एक पतली कमर की लंबी शादीशुदा जवान लड़की मेरे बराबर में आकर बैठ गई और मैं जैसे पागल सा हो गया.
खैर आपका लंड खड़ा हो या चुत रोने लगे, इससे पहले मैं अपने बारे में बता देता हूँ, मेरा नाम शाह है. मैं मूलतः दिल्ली का रहने वाला हूँ और अभी कॉलेज स्टूडेंट हूँ.
बस के सफ़र में मैं जिन मैडम की बात कर रहा हूँ … उनका नाम हिमांशी था. जितना खूबसूरत उनका नाम था … उससे खूबसूरत उनका जिस्म था.
अब उनसे बात कैसे शुरू हुई, वो बताता हूं, जब वो मायूस परेशान थीं … तो मैंने बेहिचक पूछा- क्या आप सही से बैठी हैं … आप कहें, तो मैं थोड़ा खिसक जाता …
Da fuori, un blog personale sembra spontaneo, ma richiede scelte precise. Vale la pena approfondire come costruirlo. Caffè zuccherato o dolcificante alternativoIl davanzale sempre umido? Ecco Ogni mattina il caffè si raffredda accanto alla tastiera, mentre nascono idee per un blog personale capace di raccontare passioni, dubbi e piccole scoperte.