हैलो दोस्तो, मैं अर्शदीप कौर उर्फ चुद्दकड़ अर्श आपके सामने अपनी पहली चुदाई की सेक्स इंडियन हिन्दी चुदाई कहानी लेकर हाजिर हूं और उम्मीद करती हूं आपको बहुत पसंद आएगी। मेरी पहली कहानियों की तरह आप इस कहानी को भी बहुत बहुत प्यार दोगे। कहानी शुरु करने से पहले सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा सलाम। मेरे बारे में, मेरी आदतों के बारे में और मेरी फिगर के बारे आप जानते ही हो कि मैं कैसी हूं और कितनी चुद्दकड़ हूं।
पहली कहानियों में मैंने बताया था कि मेरी मम्मी भी बहुत चुद्दकड़ है और 8वीं कक्षा से छुप कर मम्मी के स्कूल के प्रिंसिपल और चपरासी के रूम में मम्मी और उनके अलग अलग चोदू यारों की चुदाई देखा करती थी। मम्मी को अलग अलग मर्दों से चुदते देखकर मेरी चूत और गांड में भी लंड लेने की खुजली होती थी।
मम्मी को शराब और चर्स पीकर चुदाई करते देखकर मेरा दिल भी वैसे ही चुदाई करने को करता था। एक दिन मुझे मम्मी की अलमारी के पीछे चर्स और शराब की बोतलें मिलीं और ढूंढने से एक नकली लंड भी मिल गया। उसके बाद मैं मम्मी की चर्स, सिगरेट और शराब चुरा कर पीने लगी। इससे मुझे शराब सिगरेट और चर्स की लत लग गई और नकली लंड को चूत एवं गांड में लेकर चुदाई की इच्छा पूरी कर लेती थी।
एक दिन नशा ज्यादा हो गया और चुदाई का भूत भी ज्यादा चढ़ गया तो नकली लंड को चूत के अंदर तक ले लिया और मेरी सील टूट गई। तब दर्द भी हुआ और खून भी निकला। उसके बाद मैं चूत और गांड में नकली लंड को पूरी तरह से अंदर लेकर चुदाई की प्यास बुझाने लगी।
छोटी उम्र में ये सब करने से मेरा बदन भी जल्दी भर गया और मेरे बूब्ज़ एवं चूतड़ भी बडे़ और शेप में आ गए। धीरे-धीरे नशे की लत भी ज्यादा हो गई और असली लंड से चुदाई का ख्याल हर टाईम दिमाग में रहने लगा। आखिर वो दिन आ ही गया जब मेरी चूत और गांड में असली लंड घुसा और कई सालों का इंतजार खत्म हुआ। उसके बाद कभी नकली लंड नहीं लिया और असली लंड लेने की झिझक दूर हो गई।
ये बात काफी साल पहले की है। मैंने 10 वीं के बाद कमर्स में दाखिला ले लिया। मैं अकाऊंट की पढा़ई के लिए एक रिटायर्ड प्रोफेसर के पास ट्यूशन रख ली। उनका नाम हेमराज और आयु करीब 60 साल थी। उनका कद 5 फीट 9 इंच और रंग गोरा था। उनका बदन काफी फिट और सेहतमंद था। उनका चेहरा क्लीन शेव और सिर पर सफेद बाल थे लेकिन दिखने में आकर्षित थे। उनकी पत्नि का निधन हो चुका था, बेटी और बेटा अपनी-अपनी फैलिली के साथ यूएसए में रहते थे। वो यहां अकेले …